शुक्रवार, 24 जून 2011

अब कहो न प्यार है !

अरे गज़ब : मेरे एक मित्र ने मुझे मेल से यह तस्वीर भेजी है, यह घटना पटना के हबीबगंज थाने का है, पता नहीं सच्ची है या झूठी .....जो भी हो है मगर दिलचस्प,क्या ?

7 टिप्‍पणियां:

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

अब क्या कहो ?

Udan Tashtari ने कहा…

बताओ!!!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

हा हा हा, यही स्थिति है हर ओर।

निर्मला कपिला ने कहा…

ाब शायद पंडीत भी सात वचनो की जगह यही एग्रिमेन्ट किया करेंगे फेरों मे। रोचक।

akhtar khan akela ने कहा…

manoj bhaai yqin maniye isse bhi kthor shrton kaa aek shadi ka agriment aek ldke ne vivaah purv hmse likhvakr uski patni ko diya tha or do sala tk voh kaam bhi krta rahaa .akhtar khan akela kota rajsthan

Suman ने कहा…

nice

Kajal Kumar ने कहा…

IPC 498A कोई मज़ाक़ के लिए ही नहीं लाया गया है हे ! बहुत से ठाड़े लोग हैं इसका फ़ायदा उठाने वाले