बुधवार, 17 जुलाई 2013

राजनीति के अद्भुत किरदार को केंद्र में रखकर लिखी गयी पुस्तक


हिंद युग्म ने रवीन्द्र प्रभात जी की व्यंग्य-पुस्तक 'धरती पकड़ निर्दलीय' की प्रीबुकिंग शुरू किया है। प्रकाशक शैलेश भारतवासी के अनुसार इस किताब में गाँव की एक चौपाल को केंद्र में रखते हुए देश की सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक स्थितियों पर करारा व्यंग्य किया गया है। किताब में सम्मिलित व्यंग्य आलेखों को इस तरह से पिरोया गया है कि वे व्यंग्य-उपन्यास पढ़ने का एहसास कराते हैं।

कल ईबे पर पुस्तक के बारे में पढ़ रहा था, लिखा गया है कि इसको पढ़ने के बाद राग दरबारी की याद ताज़ा हो जाएगी । धरतीपकड़ नि: संदेह भारतीय राजनीति का अद्भुत किरदार रहा है, निश्चित रूप से यह पुस्तक भी अद्भुत होगी ।  

मैंने तो इस पुस्तक की 10 प्रतियों की प्री बूकिंग कर दिया है । आप भी एक बार घूम आइए ऑनलाइन स्टोरों पर, क्योंकि किताब सभी प्रमुख ऑनलाइन स्टोरों पर प्रीबुकिंग के लिए उपलब्ध है।

ईबे पर मात्र रु 76 में (बिना किसी शिपिंग के खर्च के) उपलब्ध हैः

इंफीबीम पर भी यह किताब मात्र रु 76 में कैश ऑन डिलीवरी की सुविधा के साथ उपलब्ध हैः

बुकअड्डा प्रेमियों के लिए यह किताब मात्र रु 90 में उपलब्ध हैः 

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